मेडिकल प्रवेश में केन्द्रीय स्तर पर 27% OBC एवं 10% EWS आरक्षण लागु

केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा निर्णय लेते हुए मेडिकल प्रवेश में 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को अखिल भारतीय स्तर पर आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया है|

केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद मेडिकल के UG एवं PG प्रवेश में OBC छात्रो को 27 प्रतिशत तथा EWS छात्रो को 10 प्रतिशत आरक्षण अब आल इंडिया कोटे (All India Quota (AIQ)) से दिया जायेगा| पहले यह राज्यों के ऊपर था| कई राज्यों ने EWS आरक्षण अभी तक लागु नही किया था|

सरकार के इस फैसले से 5550 छात्रो को लाभ होगा| इसकी जानकारी खुद केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने दी|

उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत, किसी राज्य में स्थित अच्छे मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के इच्छुक किसी भी राज्य के विद्यार्थियों को निवास स्थान की शर्त से मुक्त योग्यता आधारित अवसर उपलब्ध कराने के लिए 1986 में अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) योजना पेश की गई थी। अखिल भारतीय कोटे में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध यूजी सीटों में से 15 प्रतिशत और कुल उपलब्ध पीजी सीटों में से 50 प्रतिशत शामिल होती हैं।  2007 तक एआईक्यू योजना में कोई आरक्षण नहीं होता था। 2007 में उच्चतम न्यायालय ने एआईक्यू योजना में एससी के लिए 15 प्रतिशत और एसटी के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण लागु किया था। जब ओबीसी को एक समान 27 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए 2007 में केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम प्रभावी हुआ, तो उसे सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय आदि केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में भी लागू कर दिया गया। हालांकि इसे राज्य मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एआईक्यू सीटों पर लागू नहीं किया गया था।

केन्द्र सरकार ने अब एआईक्यू योजना में ओबीसी को 27 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का फैसला लिया है। देश भर के ओबीसी विद्यार्थी अब किसी भी राज्य में सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए एआईक्यू योजना में आरक्षण का लाभ लेने में सक्षम हो जाएंगे। एक केंद्रीय योजना होने के कारण, इस आरक्षण के लिए ओबीसी की केंद्रीय सूची का इस्तेमाल किया जाएगा। इस आरक्षण से एमबीबीएस में 1500 और स्नातकोत्तर में 2500 ओबीसी विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में ईडब्ल्यूएस श्रेणी से संबंधित विद्यार्थियों को लाभदेने के क्रम में, 2019 में एक संवैधानिक संशोधन किया गया था, जिससे ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान संभव हुआ था। 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण को समायोजित करने के लिए 2019-20 और 2020-21 के दौरान दो साल में मेडिकल/ डेंटल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ा दी गई, जिससे अनारक्षित श्रेणी के लिए उपलब्ध सीटों की कुल संख्या में कमी न आए। हालांकि, एआईक्यू सीटों में अभी तक यह लाभ नहीं दिया गया था।

 


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